फतह सिंह उजाला 
पटौदी । ह्यूमाना पीपल टू पीपल इंडिया ने कीसाइट टेक्नोलॉजीज़ के सहयोग से शेरपुर गाँव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया। इस स्वास्थ्य शिविर का संचालन अनुभवी डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य जाँच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिनमें शामिल थीं, रक्तचाप (बीपी) की जाँच
रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) की जाँच, वजन मापन,
रक्त परीक्षण, एनीमिया (खून की कमी) की जाँच
जोड़ों के दर्द की जाँच, सामान्य कमजोरी एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जाँच, जाँच के उपरांत चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार सभी लाभार्थियों को निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।

शिविर के दौरान डॉक्टरों ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया। उन्होंने संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सामान्य बीमारियों की रोकथाम तथा नियमित स्वास्थ्य जाँच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रमुख श्री सतीश कुमार छिछोलिया ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए "स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है" का संदेश दिया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे: अपने घर एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा रखें। किचन गार्डन विकसित कर ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ उगाएँ। संतुलित एवं पौष्टिक भोजन का नियमित सेवन करें। प्रतिदिन व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियाँ अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करें। इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. नेहा नरेश (एमबीबीएस, एमएस स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. सरोज, डॉ. दीपांशु, डॉ. श्रीलेखा, डॉ. आकाश एवं डॉ. प्रिया ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। शिविर के सफल संचालन में अंजली, फूलचंद, सतीश कुमार तथा अन्य सहयोगी टीम सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस स्वास्थ्य शिविर में 45 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, विभिन्न स्वास्थ्य जाँचों, जागरूकता सत्रों एवं दवा वितरण का लाभ प्राप्त किया।
यह कार्यक्रम ह्यूमाना पीपल टू पीपल इंडिया, कीसाइट टेक्नोलॉजीज़, अस्था हॉस्पिटल तथा स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर ने ग्रामीणों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल  के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुँच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी एवं चिकित्सा दल की समर्पित सेवाओं ने इस शिविर को एक सफल एवं प्रभावशाली जन-स्वास्थ्य पहल बनाया।