दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
सदर अस्पताल जामताड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।उन्होंने साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार परीक्ष्यमान उपसमाहर्ताओं की अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करते हुए अस्पताल का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, मरीजों का समय पर उपचार, दवाओं की उपलब्धता तथा अनावश्यक रेफरल सहित विभिन्न बिंदुओं की जांच की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु उपसमाहर्ता दिन के साथ-साथ रात्रि में भी औचक निरीक्षण करेंगे और प्रतिदिन अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल की कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है। उपायुक्त ने बताया कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया, समाचार पत्रों एवं आम नागरिकों की ओर से सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहने, दवाओं की कमी, मरीजों का समुचित उपचार नहीं होने तथा अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में रेफर किए जाने जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कुछ मामलों में ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों के निजी अस्पतालों में समय देने की भी शिकायतें सामने आई हैं, जिससे मरीजों को धनबाद, रांची और अन्य शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत स्नेहा कुमारी, अंजू कुमारी, राम प्रकाश राम, साक्षी कुमारी, शिल्पी कुमारी कच्छप, सुदिति सुमन, नेहा कुमारी एवं दिव्यांशु मिश्रा सहित प्रशिक्षु उपसमाहर्ताओं को साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह निगरानी व्यवस्था नियमित रूप से जारी रहेगी।