बेरमो/बोकारो /मिथलेश कुमार /रफ्तार मीडिया संवाददाता
तेनुघाट स्थित उपकारा (जेल) में सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज बोकारो के निर्देश पर 21 जून को जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर सह स्वास्थ जांच शिविर का आयोजन किया गया। तेनुघाट व्यवहार न्यायालय तेनुघाट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित शिविर में जेल में बंदियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। कानूनी जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने बताया कि जेल अदालत के साथ-साथ मेडिकल कैंप भी लगाया जा रहा है। जिससे सभी बंदियों को दोनों का फायदा प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों को जागरूक करने के कारण आज जेल में बंदियों की संख्या कम हो रही है। जिससे यह पता चलता है कि बंदी जागरूक हो रहे हैं और वे अपराध से दूर हो रहे हैं। इसी के तहत प्रत्येक महीने जेल अदालत का आयोजन किया जाता है। आगे बंदियों को उन्होंने अधिकार एवं कर्तव्य के बारे में बताया। बंदियों को मूल अधिकार की जानकारी दी। मूल अधिकार मानव जीवन के लिए आवश्यक होता है। आगे अधिकार से संबंधित कई जानकारी दी।
अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ शंभू कुमार ने बताया कि हम सभी को आजादी से जीने का हक है, मगर हमें कानून का भी पालन करना चाहिए।
शिविर में पैनल अधिवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि जेल में बंदियों को किसी भी तरह की समस्या की जानकारी मिलते ही उनकी समस्या का समाधान किया जाता है। दहेज अधिनियम के बारे मे जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनो अपराध है।
जानकारी के अनुसार इस अवसर पर जेल में लगे मेडिकल कैंप में बंदियों ने स्वास्थ्य जांच कराया। जिसमें सामान्य जांच, आंख जांच और दांत जांच शामिल है।
शिविर में स्वागत भाषण करते हुए जेलर नीरज कुमार ने कहा कि हमें यहां से अपने आप को सुधार कर आगे बढ़ना चाहिए।
मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने करते हुए बंदियों को बताया कि कि आज न्यायालय में अगर आपका मुकदमा है और आप अधिवक्ता नहीं रख सकते हैं तो आपको मुफ्त अधिवक्ता मुहैया कराया जाता है।
मौके पर सूरज मोदी, विजय ठाकुर, मदन प्रजापति, संजय मंडल, इस्तियाक अंसारी सहित अन्य मौजूद थे।