बिरनी/गिरिडीह।बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी नियुक्तियों एवं 66 लाख रुपये के कथित गबन के मामले को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दसवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आंदोलनकारियों ने भाग लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
धरनार्थियों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं होती रही हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वित्तीय गड़बड़ियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
धरना समाप्त कराने के उद्देश्य से गुरुवार को बगोदर विधायक नागेंद्र महतो तथा गिरिडीह के सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को सुना और समाधान का आश्वासन देने का प्रयास किया। हालांकि काफी देर तक चली बातचीत के बावजूद कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
धरनार्थियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना है कि जब तक कथित गबन, फर्जी नियुक्तियों और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती तथा प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धरना स्थल पर पूरे दिन आंदोलनकारियों की मौजूदगी बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को दंडित करने की मांग की। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।