दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम
मैथन डैम में मंगलवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पर्यटकों से भरी एक नाव पत्थर से टकराकर डूबने लगी तो बाबू बोट घाट के नाविक मोहम्मद ताजुद्दीन देवदूत बनकर आए। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने अपनी नाव डूबती नाव तक पहुंचाई और एक-एक कर 10 से 12 लोगों को मौत के मुंह से निकाल लिया। उनके इस अदम्य साहस की गूंज अब झारखंड-बंगाल की सीमा से भी आगे तक सुनाई दे रही है। ताजुद्दीन की बहादुरी को सलाम करने के लिए बुधवार सुबह बाबू बोट घाट पर राजनीति एक मंच पर आ गई। धनबाद जिला परिषद क्षेत्र संख्या 29 के झामुमो नेता व जिला परिषद सदस्य मोहम्मद गुलाम कुरैशी और सालानपुर भाजपा मंडल 4 के नेताओं ने एक साथ पहुंचकर नाविक को बुके और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। झामुमो नेता गुलाम कुरैशी ने कहा कि ताजुद्दीन जैसे लोग ही समाज के असली हीरो हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि दर्जन भर जिंदगियां बचाने वाले इस जांबाज को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। साथ ही उन्होंने झारखंड और बंगाल सरकार से डैम में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और सैलानियों से बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से पहनने की अपील की। भाजपा की ओर से सालानपुर मंडल 4 के उपाध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण रॉय, देबर्तो मंडल और तीर्थ सेन ने ताजुद्दीन को सम्मानित किया। डॉ. रॉय ने कहा, अगर यह घटना मातम में नहीं बदली तो इसका पूरा श्रेय ताजुद्दीन को जाता है। ऐसे साहसी लोगों की समाज को जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ताजुद्दीन को बड़े स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए आसनसोल जिला भाजपा नेतृत्व और राज्य नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। सम्मान पाकर ताजुद्दीन ने कहा कि बचाई गई जिंदगियों पर उन्हें गर्व है। उन्होंने डीवीसी प्रबंधन और दोनों राज्य सरकारों से मैथन डैम में बोटिंग के सुरक्षा मानक और सख्त करने की अपील की। ताजुद्दीन के साहस ने भौगोलिक सीमा को पीछे छोड़कर सभी दलों को एकजुट कर दिया।