राजु मंडल /रफ्तार मीडिया सवाददात्ता/ गांडेय।
​गांडेय प्रखंड के बरमसिया-1 पंचायत स्थित रसिकाबदार गांव में आदिम पुजहर जनजाति के लोग इस समय भारी संकट में हैं। उनके पुरखों के जमाने से चले आ रहे खेतों को वन विभाग द्वारा ट्रेंच (खाई) खोदकर अपने अधीन कर लिए जाने से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने न केवल खेत के चारों ओर ट्रेंच काटी है, बल्कि बीच खेत में भी गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे खेती-बारी करना असंभव हो गया है।

*​सरकार की नाकामी है वनाश्रितों को पट्टा न देना: राजेश यादव*

​मामले की जानकारी मिलते ही ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता  राजेश यादव ने गांव का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जाकर ट्रेंच और खेतों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान राजेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि, वनाश्रित आदिवासियों और आदिम जनजातियों को वन पट्टा नहीं देना सरकार की पूर्ण विफलता को दर्शाता है। इस तरह की कार्रवाई स्पष्ट करती है कि सरकार आदिवासियों को उनके पुश्तैनी हक से बेदखल करना चाहती है।

*​बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं ग्रामीण*

​दौरे के दौरान ग्रामीणों ने अन्य गंभीर समस्याओं से भी अवगत कराया,
​नल-जल योजना का हाल के बारे में कहा,गांव में नल-जल योजना के तहत टंकी तो बन गई, लेकिन साल भर बाद भी एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ।
​गरीब परिवारों को राशन लेने के लिए दूर के गांव जाना पड़ता है। साथ ही, राशन कार्डों में कई परिवार के सदस्यों के नाम गायब हैं, जो सुधार के बावजूद नहीं जुड़ रहे हैं।

*​संघर्ष का आह्वान और हूल दिवस पर महाजुटान*

​राजेश यादव ने कहा कि वोट लेने के बाद जन प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से मुंह फेर लिया है। अब इन समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने ग्रामीणों से संगठित होकर फॉरवर्ड ब्लॉक के बैनर तले लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
​साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों से 30 जून (हूल दिवस) के अवसर पर आयोजित गांडेय प्रखंड सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। इस दौरान पार्टी के प्रभारी राजू पासवान, झरी भोगता, राजकुमार भोगता, सोमर भोगता सहित रसिकाबदार गांव के दर्जनों महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।