रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन

राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कल्याणेश्वरी से चित्तरंजन तक एक विशाल जनसभा एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और राष्ट्रप्रेमी लोगों ने हिस्सा लेकर देश की अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन आंदोलनों की आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि देश की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान को चुनौती दी गई, तो समाज संवैधानिक दायरे में रहकर इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। इसी दौरान नागरिक न्याय मंच सीजेपी के समर्थन में हुए एक प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर साधे गए निशानों का संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने वामपंथी संगठनों पर हमला बोलते हुए कहा, जो लोग चीन और रूस की विचारधारा को सर्वोपरि मानते हैं और जिन्हें वंदे मातरम् कहने में संकोच होता है, उन्हें उस संगठन पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जिसके लिए भारत मातृभूमि है। संघ पदाधिकारी ने रेखांकित किया कि संगठन पिछले 100 वर्षों से सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के माध्यम से समाज को एकजुट करने में जुटा है। संघ का एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व पटल पर परम वैभवशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के देशभक्ति नारों के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्र की सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव की रक्षा और राष्ट्रविरोधी ताकतों का लोकतांत्रिक तरीके से डटकर सामना करने का संकल्प लिया।