दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
त्याग, बलिदान और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देने वाला पवित्र पर्व मुहर्रम को लेकर जिलेभर में शुक्रवार को पूरी धार्मिक आस्था, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निकले ताज़िया जुलूसों में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार, भाला एवं अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ ऐसे रोमांचकारी करतब प्रस्तुत किए कि सड़क किनारे मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। पूरे जिले में मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और उत्सवी माहौल में संपन्न हुआ।सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों और गांवों से आकर्षक ढंग से सजे ताज़िए निर्धारित मार्गों से होकर निकले। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, धार्मिक नारों और मातमी माहौल के बीच श्रद्धालु अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते रहे। अखाड़ों के युवाओं ने लाठी और तलवारबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाकर वर्षों पुरानी परंपरा और युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। संतुलन, फुर्ती और अनुशासन से भरपूर इन प्रदर्शनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर अखाड़ों द्वारा विशेष खेल का आयोजन किया गया, जहां छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक भारी संख्या में लोग देर तक डटे रहे। पारंपरिक खेलों और करतबों ने पूरे माहौल को जोश और उत्साह से भर दिया। मुहर्रम जुलूस के दौरान पाकडीह, सरखेलडीह, राजबाड़ी, रहमुडंगाल, जीतूडंगाल, मियांडीह, फागुडीह, नाराडीह, बुधुडीह, मोहड़ा, पोसोई, शहरपूरा, चिरूनबांध सहित आसपास के कई गांवों के ताज़िया जुलूस एक साथ जामताड़ा शहर के सुभाष चौक पहुंचे। यहां सभी अखाड़ों ने एक मंच पर अपने पारंपरिक खेल और युद्ध कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। लाठी, तलवार, भाला और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ प्रस्तुत किए गए रोमांचकारी करतबों ने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुभाष चौक पर देर तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही और दर्शकों ने तालियों की गूंज के बीच अखाड़ों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। पूरे चौक पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मुहर्रम जुलूस के दौरान प्रशासन पूरी तरह रहा मुस्तैद उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, एसडीपीओ वसीम राजा, प्रखंड विकास पदाधिकारी अबिश्वर मुर्मू, थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो सहित जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी लगातार मैदान में मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी तथा अधिकारी लगातार विभिन्न मार्गों का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब कई प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अखाड़ों के खिलाड़ियों के साथ लाठी भांजकर पारंपरिक खेल का प्रदर्शन किया। अधिकारियों का यह अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना और दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अखाड़े में उतरकर पारंपरिक खेल का प्रदर्शन किया, जिससे कार्यक्रम का उत्साह और भी बढ़ गया।प्रशासन, आयोजन समिति और स्थानीय लोगों के आपसी समन्वय से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शाम तक विभिन्न ताज़िया जुलूस निर्धारित स्थलों पर पहुंचे, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में पूरी की गईं। इस अवसर पर लोगों ने देश में अमन, शांति, आपसी भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। मुहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर जामताड़ा जिले की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की जीवंत मिसाल पेश की।