दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता :जामताड़ा जिले में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर नाला प्रखंड के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर नयन कुमार तथा जामताड़ा प्रखंड के ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर गोबिंद घोष की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, विभाग को दोनों अधिकारियों द्वारा जमा किए गए शैक्षणिक दस्तावेजों पर संदेह हुआ था। इसके बाद मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच और सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दोनों अधिकारियों ने नौकरी प्राप्त करने के लिए फर्जी एवं जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर धोखाधड़ी और सरकारी नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दोनों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार और जालसाजी को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले में केवल बर्खास्तगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।प्रशासन द्वारा संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।