सरायकेला: आदित्यपुर स्थित एस टाइप चौक के समीप हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर वर्षों से संचालित दुकानों पर एक बार फिर बुलडोजर चलाए जाने से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर एक रसूखदार व्यक्ति के इशारे पर उनकी दुकानों को दूसरी बार जमींदोज किया गया, जिससे उनका भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।मिली जानकारी के अनुसार रविवार को जेसीबी मशीन के जरिए कई दुकानों को तोड़ दिया गया।प्रभावित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं, बल्कि शंभू सिंह नामक व्यक्ति के इशारे पर उसके समर्थकों द्वारा कराई गई। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें पिछले 35 से 40 वर्षों से संचालित हो रही हैं और कुछ लोगों के पास हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवंटित अस्थायी कब्जे से संबंधित दस्तावेज तथा नियमित रूप से जमा किए गए किराये की रसीदें भी हैं।दुकानदारों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी प्रकार जेसीबी चलाकर उनकी दुकानों को क्षतिग्रस्त किया गया था, जिससे दुकान के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया था। उस मामले में उन्होंने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। बावजूद इसके दोबारा दुकानों को निशाना बनाया गया।प्रभावित व्यापारियों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति अपनी जमीन से अधिक क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है और विरोध करने पर लोगों को डराया-धमकाया जाता है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।इधर, मामले पर आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की ने बताया कि दुकानों पर जेसीबी चलने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने जेसीबी चलाने की बात से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि संबंधित स्थल पर दोबारा बिना वैधानिक प्रक्रिया के जेसीबी चलाकर किसी प्रकार की कार्रवाई की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या अब निजी लोग भी अतिक्रमण हटाने के नाम पर बुलडोजर चलाकर लोगों की रोजी-रोटी पर चोट पहुंचा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।