रफ्तार मीडिया संवाददाता गोवर्धन रजक: धनबाद जिले की पूर्वी टुंडी थाना पुलिस ने देवघर के एक सक्रिय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान गिरोह का मुख्य सरगना और देवघर के मारगोमुंडा प्रखंड की वर्तमान प्रमुख जुलेखा बीबी का पुत्र सद्दाम अंसारी उर्फ चेंड़ा अपने एक अन्य साथी के साथ पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा।

थाना प्रभारी नीतीश कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने अपराधियों के पास से एक काले रंग की स्कॉर्पियो (JH 10 CX 0707), 5 मोबाइल फोन और 5 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।

चेकपोस्ट पर गाड़ी रुकते ही भागे दो मास्टरमाइंड
थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धनबाद से देवघर की ओर साइबर अपराधियों का एक गिरोह स्कॉर्पियो से जा रहा है। सूचना के आधार पर गोविंदपुर-साहिबगंज मुख्य मार्ग पर घोशालडीह चेकपोस्ट के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।

जैसे ही काले रंग की संदिग्ध स्कॉर्पियो को चेकपोस्ट पर रोका गया, वाहन में सवार 5 अपराधियों में से दो मुख्य आरोपी—सद्दाम अंसारी उर्फ चेंड़ा और जुनैद अंसारी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए। वहीं, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी में सवार अन्य तीन गुर्गों को मौके पर ही धर दबोचा। सख्ती से की गई पूछताछ में तीनों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

कबाड़ी बेचने वाले का बेटा कैसे बना करोड़पति साइबर ठग?
इस छापेमारी के बाद इलाके में सबसे ज्यादा चर्चा प्रमुख पुत्र सद्दाम अंसारी की संपत्ति और उसके रसूख की हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सद्दाम के पिता कभी कबाड़ी का काम कर परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन साइबर अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद सद्दाम ने रातों-रात करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली।

सूत्रों का दावा है कि सद्दाम की गिरफ्तारी टालने और मामले को रफा-दफा करने के लिए उसकी मां और मारगोमुंडा प्रखंड प्रमुख जुलेखा बीबी को कुछ सहयोगियों के साथ पूर्वी टुंडी थाना के इर्द-गिर्द देखा गया। इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रसूख और राजनीतिक पहुंच के दम पर सद्दाम को कानून के शिकंजे में लेना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

गिरफ्तार अपराधियों का ब्योरा
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों साइबर अपराधी देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं:
सिराज अंसारी (30 वर्ष): पिता - इशहाक अंसारी, निवासी - तुलसीटांड, थाना - कोरों, जिला - देवघर।
साजिद अंसारी (24 वर्ष): पिता - अनाउल अंसारी, निवासी - नयाडीह, थाना - मारगोमुंडा, जिला - देवघर।
दिलकश अंसारी (19 वर्ष): पिता - दिलावर अंसारी, निवासी - चेतनारी, थाना - पथरोल, जिला - देवघर।

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही, फरार मुख्य आरोपी सद्दाम अंसारी और जुनैद अंसारी की गिरफ्तारी के लिए देवघर और धनबाद के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
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