रफ्तार मीडिया/दीपचंद्र दीक्षित:संवाददाता

फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के बाद जारी किया गया एक नया प्रशासनिक आदेश अब चर्चा का विषय बन गया है। फतेहगढ़ स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यालय परिसर में मोबाइल फोन एवं कैमरा लेकर प्रवेश करना प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश के सामने आने के बाद पत्रकारों, मीडिया कर्मियों तथा आम लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि सीएमओ कार्यालय में आने वाले लोगों को इस नए आदेश की जानकारी नोटिस के माध्यम से दी जा रही है। हालांकि, नोटिस में इस प्रतिबंध के पीछे कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में इस फैसले को लेकर विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पत्रकारों और मीडिया से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में समाचार संकलन, जनहित के मामलों की कवरेज तथा अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष को रिकॉर्ड करने के लिए मोबाइल फोन और कैमरे महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में यदि कार्यालय में इनके प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है तो इससे समाचार संकलन और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। कई पत्रकारों ने इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए इसे मीडिया की कार्यप्रणाली के लिए असुविधाजनक बताया है।
वहीं, प्रशासनिक हलकों में भी इस आदेश को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा या गोपनीयता के मद्देनज़र ऐसा फैसला लिया गया है तो उसके स्पष्ट दिशा-निर्देश भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
फिलहाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय की ओर से इस आदेश के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में मोबाइल और कैमरे के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन इस मामले में आगे कोई स्पष्टीकरण या संशोधित दिशा-निर्देश जारी करता है या नहीं।