दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आज चित्तरंजन मंडल द्वारा 89 मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष आदित्य तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। पूरा माहौल देशभक्ति के नारों और संकल्प से गूंजता रहा। सभा की शुरुआत डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनके राष्ट्र निर्माण, अखंड भारत और जनसेवा के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। जम्मू-कश्मीर की एकता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी हर कार्यकर्ता को राष्ट्रहित में समर्पण की प्रेरणा देता है। उनके विचार और सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस समय थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष आदित्य तिवारी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए जो रास्ता दिखाया, उसी पर चलकर हमें संगठन को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। पूर्व मंडल अध्यक्ष शंकर तिवारी ने कहा कि राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर चित्तरंजन मंडल के जनरल सेक्रेटरी प्रियत कुमार, मंटू गांगुली, सुमित मंडल, जयंता बऊरी, प्रभाकर झा, श्रीकांत शर्मा, सुमित्रा बऊरी, धर्मेंद्र कुमार, पप्पू बाल्मीकि, निरंजन तिवारी, बी.बी. सिंह, रोशन सिंह, अमन कुमार, मुकेश कांगड़ा, अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और संगठन को मजबूत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष से सभा का समापन हुआ।