इंडिगो फ्लाइट क्यों रद्द हुई — मुख्य कारण
DGCA के नए क्रू-रेस्ट नियम (FDTL) लागू
नए नियमों के तहत पायलट एवं क्रू को ज़्यादा आराम देना अनिवार्य हुआ — जैसे साप्ताहिक रेस्ट बढ़ना, रात की ड्यूटी सीमित होना, रात में लैंडिंग की संख्या कम होना आदि।
चूंकि इंडिगो रोजाना सैकड़ों उड़ानें चलाता है, यह नए शेड्यूल उनके पुराने मॉडल से मेल नहीं खा पाया।
पायलट / क्रू की कमी (Crew Shortage)
नए FDTL नियमों के कारण कई पायलट/क्रू अब पुराने शेड्यूल पर नहीं उड़ सकते — इस वजह से क्रू की कमी हुई, जिससे उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
कर्मचारी भर्ती, क्रू प्लानिंग, शिफ्ट तय करने में देरी या अपर्याप्त तैयारी पर भी आरोप लगे हैं। India Today+2The Tribune+2
ऑपरेशनल समस्या + एयरस्पेस / एयरपोर्ट व्यवस्थाओं में दिक्कत
इंडिगो ने स्वयं कहा कि “कई अप्रत्याशित ऑपरेशनल चुनौतियाँ” (जैसे टेक्निकल खामियाँ, एयरपोर्ट – एयरस्पेस से जुड़ी पाबंदियाँ, मौसम या ट्रैफिक कंजेशन) भी फ्लाइट रद्दीकरण का कारण बनी।
नवंबर 2025 में रिपोर्ट हुआ कि 1,232 उड़ानों में से कई रद्दियां एयरस्पेस या एयरपोर्ट/ATC-संबंधित थीं।
शेड्यूलिंग और प्रबंधन की असफल योजना
विशेषज्ञों और पायलट यूनियनों का कहना है कि इंडिगो ने नए नियमों के लिए पहले से पर्याप्त तैयारी नहीं की — पायलटों की भर्ती कम की, रोस्टर समय पर नहीं बदले, और दलालन नीतियों में कमी दिखी।
इसके कारण एक आम “क्लॉक-वर्क” फ्लाइट शेड्यूल अब नहीं चल पाया।
फ्रॉस्ट्रेशन, यात्रियों पर असर और एयरलाइन्स-रेगुलेटर दबाव
रद्द उड़ानों की लहर से एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़, देरी, हताशा व असुविधा फैली — कई लोग इंटरनेशनल/कनेक्टिंग फ्लाइट मिस कर गए।
इस वजह से रेगुलेटर और एयरलाइंस दोनों पर दबाव बना, और स्थिति सुधारने के लिए अस्थाई छूट (exemption/relaxation) देने की माँग हुई।
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