फतह सिंह उजाला 
पटौदी। संडे को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ज्यूडिशल कोर्ट परिसर पटौदी परिसर में जोश एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कोर्ट परिसर में योग अभ्यास आरंभ किया जाने से पहले तिरंगा झंडा विशेष रूप से फहराया गया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर न्यायिक अधिकारी अक्षय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे । इस मौके पर पटौदी बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेजिडेंट एडवोकेट विशाल सिंह चौहान, मौजूदा प्रेसिडेंट एडवोकेट राहुल सेहरावत, सचिव एडवोकेट अमित यादव, खजांची एडवोकेट प्रीति गोयल, एडवोकेट सुधीर मुद्गल, एडवोकेट जितिन कुमार , एडवोकेट दीपक सहरावत एडवोकेट श्री कृष्णा एडवोकेट रविंद्र खोला , एडवोकेट राहुल भार्गव, एडवोकेट रचना खोला , एडवोकेट सरिता, एडवोकेट सरला, और न्यायिक अधिकारी के रीडर जगदीश के अलावा और भी सहयोगी साथी मौजूद रहे।

सूर्य उदय होने के साथ ही कोर्ट परिसर में मौजूद सभी योग साधकों के द्वारा क्रम अनुसार विभिन्न योगासन क्रियाएं की गई । इस मौके पर विभिन्न वक्ताओं ने कहा योग सबसे प्राचीन और प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रहने की विधा है । योग का उल्लेख महाभारत से लेकर रामायण तक में भी मिलता है। अनादि काल में जब चिकित्सा सुविधा या फिर शल्य चिकित्सा इत्यादि उपलब्ध नहीं थी। तब हमारे अपने ऋषि ,मुनि, तपस्वी योग के माध्यम से ही विभिन्न प्रकार की शारीरिक बीमारियों और व्याधियों का निवारण करते थे। मौजूदा समय में योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी घोषित किया गया है।

इसी मौके पर पटौदी बार एसोसिएशन के एडवोकेट्स मेंबर और पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि स्वस्थ रहने के लिए हम सभी को योग अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए । सुबह अपनी दैनिक दिनचर्या में कुछ न कुछ समय योग के लिए निर्धारित करना चाहिए। मौजूदा समय में दिनचर्या और जीवन शैली बेहद व्यस्त और तनाव पूर्ण होती जा रही है। योग करने से मस्तिष्क की वैचारिक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा मानसिक रूप से भी मजबूती प्रदान होती है । हम सभी सामान्य योग क्रियाएं करके भी विभिन्न प्रकार की बीमारियों अथवा रोगों से मुक्त होकर तनाव रहित जीवन यापन कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है योग करने से वैचारिक शुद्धता बनी रहती है।