दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा :जामताड़ा जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारत दिसोम आदिवासी संघ ने सोमवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के जिला उपाध्यक्ष अफसर सोरेन के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने उपायुक्त जामताड़ा के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी भेजी गई है। संघ ने आरोप लगाया कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को आवश्यक दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। पत्रकारों से बातचीत में अफसर सोरेन ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। गरीब मरीज इलाज और दवा के अभाव में परेशान हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो संघ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन में संघ ने सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा स्वास्थ्य विभाग में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के उप-स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।संघ ने राज्य सरकार और राज्यपाल से पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि जिले की जनता को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।