रफ्तार संवाददाता रंजीत पालकोट (गुमला), 21 जून: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को पालकोट प्रखंड में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स तथा आम नागरिकों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
पालकोट के सोहर साहू सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में योग गुरुओं द्वारा विद्यालय के छोटे-छोटे भैया-बहनों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षकों ने बच्चों को योग के महत्व से अवगत कराते हुए नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगासन कर कार्यक्रम को सफल बनाया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर सुबह से ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं प्रबंधन समिति के सदस्य निर्धारित स्थलों पर एकत्रित होने लगे थे। सभी ने सामूहिक रूप से योग कर योग दिवस को उत्सव के रूप में मनाया। कार्यक्रम के दौरान वातावरण योगमय बना रहा और लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।वहीं एस.के. बागे कॉलेज,कोलेबिरा में एनसीसी कैडेट्स, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं कर्मियों के लिए विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट त्रिलोचन मिश्रा ने उपस्थित कैडेट्स एवं छात्रों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। नियमित योग से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित रहता है।
योग प्रशिक्षकों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को योग से होने वाले अनेक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योग करने से तनाव कम होता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा अनेक बीमारियों से बचाव संभव होता है। वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।प्रशिक्षकों ने लोगों से प्रतिदिन कम से कम कुछ समय योग के लिए निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य भी लोगों को योग के प्रति जागरूक कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया।