डकरा : डकरा स्थित मोर्चा कार्यालय में 'रैयत विस्थापित मोर्चा' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एरिया अध्यक्ष बिगन सिंह भोगता की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जबकि मंच संचालन सचिव जगरनाथ भोगता द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप से सीसीएल के एनके एरिया क्षेत्र के रैयत विस्थापितों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और उनके समाधान को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
24 सूत्री मांग पत्र पर नहीं हुई कार्रवाई
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोर्चा द्वारा बीते वर्ष एनके एरिया की सभी परियोजनाओं में चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन किया गया था। आंदोलन के बाद प्रबंधन को 24 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया था, जिसमें रैयत विस्थापितों को नौकरी, उचित मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल थी। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीसीएल एनके एरिया प्रबंधन ने अब तक इन समस्याओं के निदान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे स्थानीय विस्थापितों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सीएसआर बजट और पेसा कानून के उल्लंघन पर उठाए सवाल
मोर्चा नेताओं ने सीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते वर्ष के सीएसआर बजट से धरातल पर एक भी कार्य दिखाई नहीं दे रहा है, जो क्षेत्र के विकास के लिहाज से चिंताजनक है।चुरी परियोजना में पर्यावरण को लेकर हाल ही में हुई जनसुनवाई में सीसीएल प्रबंधन द्वारा 'पेसा कानून का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एनके एरिया पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के अंतर्गत आता है। ऐसे में प्रबंधन द्वारा ग्राम सभा को नजरअंदाज करना आने वाले दिनों में औद्योगिक क्षेत्र और प्रबंधन दोनों के हित के लिए सही नहीं होगा।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
विस्थापित मोर्चा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सीसीएल प्रबंधन जल्द ही इन जन मुद्दों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाता है और विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में मोर्चा जोरदार और बाध्यकारी आंदोलन की शुरुआत करेगा।इस बैठक में मुख्य रूप से एरिया अध्यक्ष बिगन भोगता, सचिव जगरनाथ महतो, जालिम सिंह, विनय खलखो, श्यामजी महतो, रामलखन गंझु, अमृत भोगता, नरेश गंझु, दामोदर गंझु, प्रभाकर गंझु, भरत गंझु, पवन उरांव, कुंदन, इकबाल अंसारी सहित भारी संख्या में मोर्चा के पदाधिकारी और स्थानीय रैयत विस्थापित उपस्थित थे।