दीपचंद्र दीक्षित संवाददाता
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 के अंतिम दिन 10 जून को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का आगमन हुआ। दूर-दराज जनपदों से आने वाले परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए फर्रुखाबाद विकास मंच द्वारा निःशुल्क आवास, भोजन, चाय-नाश्ता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं।
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन सर्वाधिक संख्या में अभ्यर्थी जनपद पहुंचे। बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं को दीनदयाल धर्मशाला, हिंदी भवन, दुर्गा मंदिर, सिंधी धर्मशाला सहित विभिन्न स्थानों पर ठहराया गया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों यहां ठहरे परीक्षार्थियों ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए अपने परिचितों को भी जानकारी दी, जिसके चलते अंतिम दिन अभ्यर्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
भईयन मिश्रा ने बताया कि बुधवार को लगभग 700 से अधिक परीक्षार्थियों को मंच द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास स्थलों पर ठहराया गया। सभी अभ्यर्थियों के लिए भोजन, पेयजल, चाय-नाश्ता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि सर्वाधिक अभ्यर्थी ललितपुर जनपद से पहुंचे, जबकि उरई, जालौन, कानपुर देहात और हरदोई सहित अन्य जिलों के परीक्षार्थी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बाहर से आए अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यहां घर जैसा माहौल और भोजन मिला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की निःस्वार्थ सेवा और सहयोग की व्यवस्था अन्य स्थानों पर बहुत कम देखने को मिलती है।
वहीं परमार्थ संस्थान के केशव भान साध द्वारा बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन से धर्मशालाओं तक पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा की व्यवस्था भी की गई, जिसका लाभ बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने उठाया।
पिछले चार दिनों से लगातार सेवा कार्य में जुटे सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भईयन मिश्रा ने कहा कि सभी साथियों के सहयोग से इतना बड़ा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के ठहरने के बावजूद कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी और किसी भी छात्र को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में श्याम बाबू वर्मा, सुनील बाजपेई, मुकेश सक्सेना, कोमल पांडे, प्रिंस शुक्ला, निशित दुबे उर्फ नीशू, ओम निवास पाठक, आशुतोष त्रिपाठी, शिवांग बाजपेई, रामजी मिश्रा, लकी गुप्ता, नीरज गुप्ता, आलोक दुबे, दिलीप भारद्वाज, आयुष सक्सेना, आशू मिश्रा, रईस नवाब, हाजी शादाब, राजीव वर्मा, अराफात खान, शमशाद खान मुन्नी, अनंत राम श्रीवास्तव, कुलदीप दीक्षित, मोहित खन्ना सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।