दीपचंद्र दीक्षित ब्यूरो

फर्रुखाबाद। जिले में बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के साथ फतेहगढ़ स्थित सीतापुर आई हॉस्पिटल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल पिछले 15 से 20 वर्षों से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा है।

स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और इसके पुनरुद्धार एवं पुनः संचालन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) कृष्णकांत महाजन को मौके पर बुलाकर अस्पताल की भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच कराई गई। जिलाधिकारी ने भूमि अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मुरलीधर को अस्पताल भवन का भौतिक निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत और पुनरुद्धार संबंधी विस्तृत आख्या तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आई रिलीफ सोसाइटी के माध्यम से आवश्यक विभागीय कार्रवाई पूरी की जाए और अस्पताल को दोबारा संचालित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

जानकारी के अनुसार, सीतापुर आई हॉस्पिटल के लिए वर्ष 1963 में जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहीत की गई थी। अस्पताल का निर्माण जनसहयोग और शासकीय अनुदान से हुआ था तथा कुछ वर्षों तक यहां नेत्र चिकित्सा सेवाएं संचालित होती रहीं। हालांकि, पिछले डेढ़ से दो दशक से अस्पताल का समुचित संचालन नहीं हो सका।

बताया गया कि अस्पताल को मिलने वाला शासकीय अनुदान भी वर्ष 2022 से बंद है। लंबे समय तक रखरखाव के अभाव में अस्पताल भवन जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब जिला प्रशासन इसके पुनरुद्धार और दोबारा संचालन की दिशा में सक्रिय पहल कर रहा है।