सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम में उस समय माहौल गरमा गया जब 30 से अधिक ठेकेदारों ने अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश और अकाउंट अफसर अमित चौरसिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निगम के मुख्य प्रवेश द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। ठेकेदारों ने अधिकारियों पर कमीशनखोरी और भुगतान में अनावश्यक विलंब करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का आरोप था कि नगर निगम में कार्यों के भुगतान और फाइलों के निष्पादन के लिए कथित तौर पर प्रतिशत तय है। उनका कहना था कि समय पर कमीशन नहीं देने पर फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया जाता और संबंधित कार्यों में बाधा उत्पन्न की जाती है। ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि छोटे-छोटे कार्यों के भुगतान में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।एक ठेकेदार ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और महीनों तक भुगतान लंबित रहने से ठेकेदारों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन से लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा करने तथा कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की।वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि निगम में सभी कार्य नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 लाख रुपये से कम लागत वाले कार्यों के लिए भी ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है ताकि अधिक से अधिक योग्य व्यक्ति उसमें भाग ले सकें और प्रतिस्पर्धा बनी रहे। ऑफलाइन टेंडर कराने से प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।ठेकेदारों के प्रदर्शन और हंगामे के कारण निगम परिसर में कई घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हुई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।इधर नगर निगम प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच कराने की बात कही है। अब सभी की नजर निगम प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।