अयोध्या।
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। रामनगरी अयोध्या में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान शिवसेना के प्रदेश प्रमुख अभय द्विवेदी ने संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और गठबंधन की दिशा को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत दिए।अभय द्विवेदी ने बताया कि शिवसेना के राष्ट्रीय प्रमुख एवं एकनाथ शिंदे ने हाल ही में दिल्ली में सभी राज्यों के प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में दिल्ली,गुजरात,उत्तर प्रदेश,पंजाब,झारखंड,कर्नाटक,उत्तराखंड, केरला,समेत कई राज्यों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा पूरे देश में शिवसेना के संगठन को मजबूत करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और पार्टी का जनाधार बढ़ाना रहा। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आने वाले चुनावी मुकाबलों के लिए पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए। इसी रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश में भी संगठन विस्तार अभियान तेज किया जाएगा और हर जिले में कार्यकर्ताओं की नई टीम तैयार की जाएगी। प्रदेश प्रमुख ने बताया कि शिवसेना इस समय हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनावों में बिना किसी गठबंधन के स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरकर अपनी ताकत आजमा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने दो टूक कहा कि शिवसेना एनडीए गठबंधन का अभिन्न हिस्सा है और 2027 का विधानसभा चुनाव भी गठबंधन के साथ मिलकर ही लड़ेगी। अभय द्विवेदी ने कहा कि पार्टी ने प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यकर्ता हर क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे, जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और संगठन को मजबूत करेंगे। हालांकि अंतिम रूप से जिन सीटों का बंटवारा गठबंधन के तहत होगा, उन्हीं पर शिवसेना अपने उम्मीदवार उतारेगी। बाकी सीटों पर पार्टी एनडीए के सहयोगी दलों का पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में शिवसेना तेजी से अपने संगठन का विस्तार कर रही है और 2027 के चुनाव में पार्टी पहले से अधिक मजबूती के साथ मैदान में दिखाई देगी। अयोध्या से दिए गए इस संदेश को राजनीतिक गलियारों में शिवसेना की चुनावी तैयारी की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।