दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम

झारखंड आंदोलन के पुरोधा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को वर्ष 2026 में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की खुशी में मिहिजाम में भव्य एकदिवसीय भंडारा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। मिहिजाम मुख्य मार्ग स्थित गुड विल पार्क में हुए इस आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लेकर दिशोम गुरु के संघर्षमय जीवन को नमन किया। कार्यक्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा युवा कमेटी की ओर से आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने शिबू सोरेन के झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन, आदिवासी समाज के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए दिए गए योगदानों को याद किया। कहा गया कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है, जो नई पीढ़ी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। समिति के संयोजक और जेएमएम जिला युवा कोषाध्यक्ष सूरज रवानी ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान केवल शिबू सोरेन के व्यक्तित्व का सम्मान नहीं है, बल्कि झारखंड की अस्मिता, आदिवासी समाज के अधिकारों और लंबे जनआंदोलन की राष्ट्रीय स्वीकृति भी है। उन्होंने कहा कि गुरुजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आयोजक होली आयुष और जेएमएम युवा कमेटी के सदस्यों के नेतृत्व में हुए भंडारे में लगभग 4000 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सामाजिक सौहार्द और जनभागीदारी का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर प्रो. कैलाश साव, बिष्णु देव मुर्मू, मुरारी सोनी, महेंद्र टुडू सहित अनेक गणमान्य नागरिक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।