दीपचंद दीक्षित ब्यूरो

फर्रुखाबाद। जिले में गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। अधिकारियों को संवेदनशील गांवों में सतर्क रहने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ से सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसील के 63 गांवों की आबादी और कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इन क्षेत्रों में 52 बाढ़ चौकियां और 24 राहत शरणालय संचालित किए जा रहे हैं। मॉडल शरणालयों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा तथा बच्चों के लिए पढ़ाई और मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने 191 नावों और प्रशिक्षित नाविकों के साथ 53 गोताखोरों को तैनात किया है। राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले सभी आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही कलेक्ट्रेट, डीएम कैंप कार्यालय और सिंचाई विभाग में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं, जहां हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की 17 मेडिकल टीमें लगातार प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक हजारों लोगों का उपचार किया जा चुका है तथा ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट और अन्य जरूरी दवाओं का वितरण किया गया है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पशुपालन विभाग ने भी राहत कार्यों में तेजी लाते हुए पशु चिकित्सा टीमें सक्रिय कर दी हैं। पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारे की व्यवस्था की जा रही है ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिला प्रशासन ने अब तक 10 हजार से अधिक प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर शरणालयों में भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कटान से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवासीय पट्टे देने की प्रक्रिया भी जारी है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है तथा प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।