आशीष कुमार मुखर्जी/कुजू/मांडू: झारखंड में पारा चढ़ने के साथ ही गिरते जलस्तर ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देशानुसार रामगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह 'एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। उपायुक्त श्री ऋतुराज के नेतृत्व में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में 2 मई से 15 मई तक 'विशेष पखवाड़ा' चलाया जा रहा है।
इस विशेष अभियान के तहत मंगलवार को मांडू प्रखण्ड की विभिन्न पंचायतों में प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। प्रखण्ड की कुज्जू दक्षिणी, पुंडी और केदला मध्य पंचायतों में सुबह से ही खराब पड़े चापानलों और जलमीनारों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। प्रशासन की टीमें मौके पर डटी हुई हैं ताकि ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए मीलों दूर न भटकना पड़े।
*अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्य*
मरम्मत कार्य के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी टीम के सदस्य स्वयं धरातल पर मौजूद रहे। इस मौके पर सहायक अभियंता  लाखेंद्र कुमार, कनीय अभियंता जमुना करमाली और प्रखंड समन्वयक बैजनाथ कुमार ने कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। पंचायत सचिव सुनील कुमार यादव और पंचायत सहायक सुधीर हेंब्रम ने स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर खराब पड़े जल स्रोतों को चिन्हित करवाया।
*ग्रामीणों में हर्ष, मुखिया और समाजसेवी भी आए साथ*
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। कुजू दक्षिणी मुखिया राकेश कुमार रॉक , समाजसेवी गणेश सोनी, अनिल अग्रवाल और रमेश चौधरी ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए इसे समय की मांग बताया। मौके पर कुजू दक्षिणी मुखिया राकेश कुमार रॉक ने बताया कि समय रहते जल स्रोतों की मरम्मत होने से इस वर्ष गर्मी में पेयजल संकट से काफी हद तक निजात मिलेगी।
उम्मीद जताई जा रही है कि 15 मई तक चलने वाले इस पखवाड़े के समापन तक जिले के सभी चिन्हित खराब चापानल और जलमीनारें दुरुस्त कर ली जाएंगी, जिससे जिले में पानी की गंभीर किल्लत समाप्त हो जाएगी।