रफ्तार संवाददाता रंजीत पालकोट: प्रखंड के हटीयाटोली स्थित नव निर्मित बजरंगबली मंदिर एवं प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को प्रथम वार्षिकोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों, भजन-कीर्तन एवं महाभंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जानकारी के अनुसार हटीयाटोली स्थित बजरंगबली मंदिर का पुराना भवन काफी जर्जर एवं जीर्ण अवस्था में पहुंच गया था। श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के सहयोग से एक वर्ष पूर्व मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया था। नए मंदिर के निर्माण के बाद बजरंगबली की नई प्रतिमा स्थापित कर विधिवत प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई थी। उसी ऐतिहासिक अवसर की प्रथम वर्षगांठ पर भव्य वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। आचार्य राजू मिश्रा ने विधिवत पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराया। इसके बाद हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगल की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष से माहौल गुंजायमान हो उठा।संध्या बेला में दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान महावीर हनुमान की आरती में भाग लिया। दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर आलोकित हो उठा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आरती में शामिल होकर मंगलकामनाएं कीं।वार्षिकोत्सव के अवसर पर गायत्री परिवार पालकोट के तत्वावधान में आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति, सेवा, सदाचार और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को समाजहित में कार्य करने का संदेश दिया। प्रवचन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वहीं कीर्तन मंडली पालकोट द्वारा भजन-कीर्तन का भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने भगवान राम एवं बजरंगबली की महिमा से जुड़े भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक चले भजन-कीर्तन में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते रहे।
केंद्रीय महावीर मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस वार्षिकोत्सव के समापन पर विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक समरसता का अनुपम उदाहरण बना। पूरे दिन चले इस भव्य आयोजन ने क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण का संचार किया और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से भावविभोर कर दिया।