दीपचंद्र दीक्षित /फर्रुखाबाद। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की ओपीडी में जल्द ही कैंसर रोगियों की स्क्रीनिंग शुरू होने जा रही है। इस जनकल्याणकारी पहल में कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज के प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ और फर्रुखाबाद के मूल निवासी डॉ. युवराज सिंह अपना विशेष सहयोग प्रदान करेंगे। फर्रुखाबाद के रहने वाले डॉ. युवराज सिंह द्वारा गोरखपुर में दी जाने वाली इन सेवाओं से पूर्वांचल के सैकड़ों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे गृह जनपद का नाम भी रोशन हो रहा है।
इस संबंध में गुरुवार को डॉ. युवराज सिंह और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें स्क्रीनिंग की रूपरेखा तैयार की गई।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समय पर जांच जरूरी
बैठक के दौरान डॉ. युवराज सिंह ने वहां उपस्थित चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कैंसर के बढ़ते खतरों के प्रति सचेत किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं में ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर जैसी घातक बीमारियों की समय पर जांच और पहचान करने के महत्व पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने डॉक्टरों को एक बेहतरीन सुझाव देते हुए कहा कि:
"यदि ओपीडी में किसी भी रोगी में कैंसर के लक्षण या संदेह दिखाई देता है, तो टेलीमेडिसिन (वीडियो कॉल/फोन) के माध्यम से सीधे मुझसे संपर्क कर अतिरिक्त चिकित्सकीय परामर्श और गाइडलाइंस ली जा सकती हैं।"
तंबाकू, जंक फूड और शराब हैं मुख्य विलेन
कैंसर के कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए डॉ. युवराज सिंह ने बताया कि भारत में कैंसर के सबसे ज्यादा मामले तंबाकू के सेवन और आनुवंशिक (जेनेटिक) कारणों से सामने आते हैं। इसके अलावा आजकल की जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शराब भी कैंसर को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं।
धूम्रपान (स्मोकिंग) के खतरनाक नतीजों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बेहद गंभीर बात कही कि सिगरेट या बीड़ी का धुआं शरीर के जिस-जिस अंग से होकर गुजरता है, उन सभी हिस्सों में कैंसर विकसित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इस दौरान आयुर्वेद की औषधियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से इस बात पर विचार किया गया कि कीमोथेरेपी जैसे उपचार के बाद कैंसर रोगियों को ठीक होने में आयुर्वेदिक दवाएं किस प्रकार सहायता कर सकती हैं। बैठक में डॉ. रमाकांत द्विवेदी, डॉ. लक्ष्मी अग्निहोत्री, डॉ. रम्य जय कुमार और वित्त नियंत्रक अतुल तिवारी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे
साझा संदेश: फर्रुखाबाद के माटी के लाल डॉ. युवराज सिंह की इस मुहिम से अब गोरखपुर और आसपास के जिलों के सैकड़ों कैंसर पीड़ितों को नई उम्मीद और बेहतर इलाज की राह मिलेगी।