रांची। कृषि विभाग सोनाहातू द्वारा 22 मई 2026 को खरीफ कृषक गोष्ठी सह जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, मुखिया, प्रखंड कृषि तकनीकी प्रबंधक, किसान मित्रों एवं बड़ी संख्या में धान उत्पादक किसानों ने भाग लिया।

गोष्ठी के दौरान किसानों के साथ खरीफ मौसम की तैयारियों और संभावित कम वर्षा की स्थिति में धान की बेहतर खेती के उपायों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने किसानों को अनिश्चित मौसम और संभावित सूखे की परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी।

किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने से पहले बीजों का नैनो डीएपी एवं एनपीके कंसोर्टिया से उपचार कर बुवाई करने की जानकारी दी गई। साथ ही खेतों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने के लिए बायोडिकंपोजर से तैयार जैविक खाद का उपयोग करने पर जोर दिया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि रोपाई से पहले पौधों की जड़ों का नैनो डीएपी से उपचार करने से जड़ों का विकास तेजी से होता है और फसल सूखे जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकती है। इसके अलावा खड़ी फसल में संतुलित उर्वरकों और पोषक तत्वों के उपयोग से फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उत्पादन में सुधार लाने के उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, कम लागत में अधिक उत्पादन तथा गुणवत्तापूर्ण फसल प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। किसानों ने भी खेती से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जवाब दिया गया।