गिरिडीह/ झारखंड/मनोज बर्मन :: संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर माननीय मंत्री, श्री सुदीव्य कुमार ने अंबेडकर जी की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। कार्यक्रम स्थल पर गिरिडीह महापौर, श्रीमती प्रमिला मेहरा, पुलिस अधीक्षक, डॉ बिमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, श्री मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त, श्रीमती स्मृता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह, श्रीकांत यशवंत विस्पुते, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती अंजना भारती, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, बुद्धिजीवी वर्ग एवं आमजन उपस्थित रहे। माननीय मंत्री ने प्रतिमा का अनावरण कर डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को माल्यार्पण किया तथा उनके महान विचारों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और उनके द्वारा देश को दिए गए अमूल्य योगदान को नमन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान विधिवेत्ता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के सशक्त प्रतीक थे। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। माननीय मंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान का संदेश देता है। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रेरणादायक हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
वहीं उपायुक्त, श्री रामनिवास यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके महान विचारों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर जी ने न केवल भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके विचारों में सामाजिक समरसता, समान अवसर और मानवाधिकारों की स्पष्ट झलक मिलती है। डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को अपनाकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया कि जिले में सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद किया। सभी ने एक स्वर में उनके आदर्शों को अपनाने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।