दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों, सम्मान और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को जामताड़ा में दुमका प्रमंडल स्तरीय झारखंड आंदोलनकारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुमका प्रमंडल के जामताड़ा, दुमका, देवघर, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान तथा सरकार के समक्ष अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि झारखंड राज्य के गठन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को आज भी अपेक्षित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाए हैं। सरकार को उनके योगदान का सम्मान करते हुए सभी आंदोलनकारियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड आंदोलनकारी रॉबिन मिर्धा ने कहा कि दुमका प्रमंडल के सभी जिलों से आंदोलनकारी इस बैठक में शामिल हुए हैं और आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख मांग है कि राज्य के सभी झारखंड आंदोलनकारियों को बिना किसी भेदभाव के समान पेंशन दी जाए। इसके अलावा आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी दिया जाए, ताकि उन्हें वास्तविक न्याय और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न वर्गों के लिए लगातार नई-नई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन झारखंड आंदोलनकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं हो रही है। राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के साथ सौतेला व्यवहार उचित नहीं है। बैठक में झारखंड आंदोलनकारी मनोरथ मरांडी ने कहा कि सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की पहचान के लिए गठित आयोग को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से कार्य करना चाहिए, ताकि कोई भी वास्तविक आंदोलनकारी लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र आंदोलनकारियों को समान रूप से पेंशन का लाभ दिया जाए तथा 15 अगस्त से पहले हर हाल में पेंशन स्वीकृत कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलनकारी आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। मौके पर झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड आंदोलनकारी लालू अंसारी, अनिल सोरेन, जमाल अंसारी, लालू रोहिणी मरांडी, मनोरथ मरांडी, जितेन हांसदा, इम्तियाज खान, बोड़ो सोरेन सहित दुमका प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए अनेक झारखंड आंदोलनकारी उपस्थित थे।