रांची/नई दिल्ली, 20 जून: झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड से दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

यह सम्मान एचबीएनसी/एचबीवाईसी कार्यक्रम तथा प्रचार वाहन (टीआईटी) नवाचार के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रो. महेंद्र देव और भारत सरकार के कानून एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार की उपस्थिति में एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने अपनी टीम के साथ यह सम्मान ग्रहण किया।

राज्य को मिला यह दोहरा सम्मान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं और जनजागरूकता को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के प्रयासों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विभाग द्वारा 24 जिलों में 24 विषयों पर विशेष प्रचार वाहनों का संचालन किया गया, जो चार माह तक लगातार गांव-गांव पहुंचकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते रहे। इस अभियान के तहत 192 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए और 5,576 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।

इसके अलावा समेकित एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) और एचबीवाईसी (होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर) कार्यक्रम के उत्कृष्ट संचालन के लिए भी झारखंड को स्कॉच गोल्ड अवार्ड से नवाजा गया। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि सहिया और सेविकाओं के संयुक्त प्रयास से एमटीसी एवं एसएनसीयू में रेफरल दर में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, ‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ के माध्यम से बच्चों और माताओं की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इन्हीं जमीनी प्रयासों के कारण राज्य में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन को दिया।

गौरतलब है कि स्कॉच अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है, जो बेहतर शासन, डिजिटल नवाचार, वित्तीय समावेशन और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी विभागों एवं संस्थानों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार कठोर और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है।