*कुशीनगर।* तारीख पर तारीख से परेशान हैं? बिजली, पानी, बीमा या अस्पताल से जुड़े विवाद सालों से अटके हैं? तो आपके लिए राहत की खबर है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर बुधवार को स्थायी लोक अदालत का जोरदार प्रचार-प्रसार किया गया। इस दौरान आम लोगों और वकीलों को बताया गया कि कैसे बिना एक रुपया खर्च किए और बिना वकील के भी महीनों में इंसाफ पाया जा सकता है।

*क्या है स्थायी लोक अदालत? जज ने खुद समझाया*  
जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी के निर्देश पर सचिव भुवन, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अंगद प्रसाद और सदस्या दीपाली सिन्हा ने लोगों को इसकी ताकत बताई। अध्यक्ष अंगद प्रसाद ने कहा कि यातायात, पोस्टल, टेलीफोन, बिजली, पानी, अस्पताल, इंश्योरेंस सर्विस और शिक्षा से जुड़े तमाम वाद यहां सुलह-समझौते से निपटाए जाते हैं।

*खास बातें जो आपको जाननी चाहिए*  
1. *न फीस, न वकील का झंझट*: वाद दाखिल करने में कोई फीस नहीं लगती। वकील करना भी जरूरी नहीं। आप सीधे सादे कागज पर प्रार्थना-पत्र देकर अपनी समस्या बता सकते हैं।  
2. *महीनों में फैसला*: सचिव भुवन ने बताया कि यहां केस सालों नहीं खिंचते। मात्र कुछ महीनों में ही वादों का निस्तारण हो जाता है।  
3. *जानकारी के अभाव में अटका इंसाफ*: सदस्या दीपाली सिन्हा ने माना कि ज्यादा लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं है, इसलिए वे छोटे-छोटे विवादों के लिए भी कोर्ट के चक्कर काटते रहते हैं।

*"पहली बार सुना, अब सबको बताएंगे"*  
कार्यक्रम में मौजूद कान्ती देवी, श्रीनाथ, वेदान्ती, शैलेश कुमार, विजय कुमार गुप्ता समेत कई वादकारियों और आम लोगों ने माना कि उन्हें आज पहली बार इस संस्था के बारे में पता चला। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्थायी लोक अदालत के फायदे अपने आस-पड़ोस और रिश्तेदारों तक पहुंचाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सस्ते और सुलभ न्याय का लाभ उठा सकें।

*क्यों जरूरी है प्रचार*  
सचिव ने अपील की कि लोग इस न्याय सुलभ संस्था की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएं। जब लोगों को पता चलेगा कि बिजली का गलत बिल, बीमा क्लेम या अस्पताल की लापरवाही का निपटारा बिना खर्च और लंबी तारीखों के हो सकता है, तो कोर्ट पर बोझ भी कम होगा और आम आदमी को तुरंत राहत मिलेगी।