मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना एवं मनरेगा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक एनईपी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता तथा पंचायत तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
बैठक में मनरेगा के विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों पर नाराजगी जताई और सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मानव दिवस सृजन में जिला राज्य से काफी पीछे
समीक्षा में पाया गया कि जिले में मानव दिवस सृजन की उपलब्धि 77.53 प्रतिशत है, जबकि राज्य का औसत 155.29 प्रतिशत है। कई प्रखंडों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इनमें संग्रामपुर (43.15%), पहाड़पुर (48.17%), बनकटवा (51.57%), अरेराज (54.65%), मेहसी (56.57%), कोटवा (59.66%) तथा पताही (63.53%) शामिल हैं। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कम-से-कम 75 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) अभिसरण की प्रगति भी धीमी
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) अभिसरण की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 24,066 योजनाओं में से मात्र 3,877 योजनाओं में एमआर निर्गत हुआ है, जिससे 18.19 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। संग्रामपुर (2.19%), पीपराकोठी (3.57%), चकिया (6.05%), कोटवा (8.98%), तेतरिया (10%), पताही (10.38%), ढाका (13.49%), तुरकौलिया (13.64%) और कल्याणपुर (13.74%) का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
87.79 प्रतिशत मजदूरों का हुआ ई-केवाईसी
बैठक में बताया गया कि जिले के 4,45,147 सक्रिय मजदूरों में से 3,90,805 मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो 87.79 प्रतिशत है। अभी 54,342 मजदूरों का ई-केवाईसी लंबित है। डीडीसी ने एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कराने का निर्देश दिया।
जियो टैगिंग के हजारों मामले लंबित
जियो टैगिंग की समीक्षा में प्रथम चरण के 9, द्वितीय चरण के 1,422 तथा तृतीय चरण के 2,143 मामले लंबित पाए गए। तृतीय चरण में सबसे अधिक लंबित मामले बनकटवा (202), अरेराज (182), चकिया (165), ढाका (156), घोड़ासहन (156), पकड़ीदयाल (148), रक्सौल (130) और तेतरिया (127) में पाए गए। सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
43 हजार से अधिक योजनाओं में केवल 7.29 प्रतिशत कार्य पूर्ण
मनरेगा के तहत जिले में 43,474 योजनाएं प्रारंभ की गई हैं, जिनमें से केवल 3,171 योजनाएं पूर्ण हुई हैं। यानी उपलब्धि मात्र 7.29 प्रतिशत है। डीडीसी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर कम-से-कम 90 प्रतिशत अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
वृक्षारोपण अभियान में भी कई प्रखंड पीछे
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 9,50,400 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन अब तक केवल 33.29 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई है। मोतिहारी (4.17%), कल्याणपुर (12.50%), रामगढ़वा (13.02%), ढाका (17.39%), चकिया (18.23%) और सुगौली (19.27%) का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर योजनाएं शुरू कर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार ने बैठक के अंत में स्पष्ट कहा कि मनरेगा एवं ग्रामीण विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लंबित कार्यों का निष्पादन कर जिले की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।