दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता, जामताड़ा।

जामताड़ा सदर अस्पताल में गुरुवार को प्रसूता और नवजात की मौत के बाद हुए हंगामे, तोड़फोड़ और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट के मामले में अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद के आवेदन पर जामताड़ा थाना में कांड संख्या 100/26 तथा ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. स्वीटी के आवेदन पर कांड संख्या 101/26 दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के विरोध में शुक्रवार को सदर अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी सेवा ठप कर धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत संचालित होती रहीं। चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से वार्ता कर आश्वस्त किया कि घटना में शामिल सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी तथा अस्पताल परिसर में चौबीसों घंटे पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि चिकित्साकर्मी निर्भय होकर अपनी सेवाएं दे सकें। उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद ने बताया कि प्रसूता गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी और बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में तोड़फोड़ तथा स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा अस्पताल में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।