आशीष कुमार मुखर्जी/कुजू/मांडू : मांडू प्रखंड अंतर्गत ओरला पंचायत सचिवालय के निकट बसरिया टोला में सरहुल पर्व महोत्सव सह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जल-जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा उपस्थित रहीं। वहीं, विशिष्ट अतिथियों में सीसीएल कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा, जिला परिषद सदस्य दयामन्ति देवी और जेडीयू जिला अध्यक्ष ज्योतेंद्र प्रसाद साहू सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र देकर किया गया।
   उत्सव का शुभारंभ पाहन गोपाल मुंडा द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना, कलश स्थापना और सरना पूजा संपन्न कराई। इसके पश्चात 'फूलखोसी' की रस्म निभाई गई, जो भाईचारे और प्रकृति प्रेम का संदेश देती है।
  पूजा के उपरांत ढोल, नगाड़ा और मांदर की गूंज के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सजे सैकड़ों महिला-पुरुषों ने सामूहिक नृत्य कर उत्सव की रौनक बढ़ा दी। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप से गुंजायमान रहा।
    मुख्य अतिथि ज्योत्सना केरकेट्टा ने अपने संबोधन में कहा, "सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के अटूट संबंध का प्रतीक है। हमें अपनी जड़ों की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा ताकि समाज की एक सशक्त पहचान बन सके।"
   आयोजन को सफल बनाने में सरना समिति के अध्यक्ष दिलीप बेदिया, उपाध्यक्ष जितेंद्र मुंडा, सचिव शिवनंदन मुंडा और कोषाध्यक्ष दिनेश बेदिया का सराहनीय योगदान रहा। मौके पर रंजीत सिंह बूटी तिवारी, कैलाश करमाली, ओम प्रकाश अग्रवाल, शंकर दयाल शर्मा, हरिशंकर प्रसाद  रोहित मुंडा। रंजन मुंडा आकाश सिंह , अभिषेक पासवान चेतलाल बेदिया अरविंद सिंह, खीरू बेदिया , लखन महतो सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।