फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम।   हरियाणा के साथ राजस्थान के लोगों के लिए एक बार फिर खुशी की लहर है की नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को बहरोड तक मंजूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुग्राम सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि  केंद्रीय शहरी विकास एवं हाउसिंग मंत्रालय की ओर से सराय कालेखां से गुरुग्राम -बावल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को बावल से आगे बहरोड तक बढ़ाने के लिए केंद्रीय वित्त विभाग को पत्र लिखकर इसकी मंजूरी देने को कहा है। राव  ने कहा कि नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को वषों पूर्व प्रथम पेज के निर्माण में नीमराणा बहरोड तक मंजूर किया गया था लेकिन इसे बाद में कभी धारूहेड़ा तक और कभी बावल तक सीमित करके छोड़ दिया गया। धारूहेड़ा व बावल तक सीमित करने के कारण अनेक सामाजिक संगठनो व  राजस्थान के लोगों की जन आवाज  इस योजना को  पूर्व की तरह बहरोड तक करने की उठ रही थी। राव इंद्रजीत ने कहा कि बहरोड तक एक्सटेंशन की फाइल फाइनेंस मंजूरी के लिए इस माह जुलाई में भेजी गई है।

बावल से बहरोड के बीच में चार स्टेशन बनेंगे

राव ने कहा कि बावल से बहरोड तक नमो भारत के बिस्तर में  हरियाणा  के करीब 11 किलोमीटर व राजस्थान के करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र में नमो भारत का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बावल से बहरोड के बीच में चार स्टेशन बनेंगे जिनका 24 मिनट की दूरी में पूरा कर लिया जाएगा। राव ने जानकारी देते हुए बताया कि बावल से बावल से बहरोड तक नमो भारत को एक्सटेंड करने पर इसकी लागत में करीब 8 हजार करोड रुपए की वृद्धि होगी। राव ने बताया कि पिछले दिनों एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मीटिंग के दौरान दिल्ली सराय काले खां से बावल तक बन रही नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को पूर्व की तरह बहरोड तक बढ़ने पर विचार किया गया।

औद्योगिक क्षेत्र के कामकाजी लोगों को लाभ होगा

राव इंद्रजीत ने कहा कि मैंने पूर्व में भी कहा था कि राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र शाहजहांपुर- नीमराणा -बहरोड को नमो भारत आरआरटीएस से जोड़ना इसलिए उचित रहेगा की इन क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों में काम करने वाले हजारों लोगों को इसका फायदा मिल सकेगा।  राव ने कहा कि केंद्र सरकार ने हरियाणा की नांगल चौधरी में बन रहे लॉजिस्टिक हब, आईएमटी बावल के भविष्य में होने वाले विस्तार, वहीं राजस्थान के खुशखेरा -बहरोड -नीमराना इन्वेस्टमेंट रीजन के विस्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे बहरोड तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।