दीपचंद्र दीक्षित ब्यूरो

फर्रुखाबाद नवाबगंज। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को नवाबगंज ब्लॉक परिसर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी अमरेश चौहान ने किया। प्रशासन की ओर से इसका उद्देश्य लोगों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति और स्वतंत्रता दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया।

ब्लॉक परिसर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा करीब 150 मीटर की दूरी तय कर नेहरू कॉलेज गेट पर समाप्त हो गई। यात्रा के इतनी कम दूरी तक सीमित रहने के बाद क्षेत्र में इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य जनजागरूकता फैलाना था तो इसे कस्बे के मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों से होकर निकाला जाना चाहिए था, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ पाते। उनका मानना है कि मुख्य बाजार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है और वहां से यात्रा निकालने पर हर घर तिरंगा अभियान का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता था।

यात्रा समाप्त होने के बाद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित रहा। उनका कहना है कि यात्रा शुरू होने के बाद फोटो खिंचवाए गए और कुछ ही दूरी पर इसे समाप्त कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ब्लॉक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होता है। ऐसे आयोजनों को अधिक व्यापक स्वरूप देकर आम लोगों, व्यापारियों और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

फिलहाल, करीब 150 मीटर में समाप्त हुई तिरंगा यात्रा को लेकर नवाबगंज क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब यात्रा का उद्देश्य आमजन को जागरूक करना था तो इसे मुख्य बाजार तक क्यों नहीं ले जाया गया।