रफ्तार मीडिया /हजारीबाग /सुमन सिन्हा की रिपोर्ट
हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक छड़वा मैदान में शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं पर आयोजित मेला शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर 22 गांवों के अखाड़ाधारी गगनचुंबी निशान, ताजिया और गाजे-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकालते हुए छड़वा मैदान पहुंचे। दोपहर बाद तक पूरा मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया और "या अली-या हुसैन" के नारों से वातावरण गूंज उठा।
मेले में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर, पबरा, लुपुंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ू, नवादा, डुकरा, हरना, कवातु, गोविंदपुर, भुसवा, पकरार और मंडई समेत 22 गांवों के अखाड़ों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुति दी।
मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रैपिड एक्शन फोर्स, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवान पूरे मेले में तैनात रहे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की गई।
मौके पर उपायुक्त हेमंत सती, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, एएसपी अमित कुमार, डीएसपी ज्ञान रंजन, डीएसपी अरमानुल हक, बीडीओ पूजा कुमारी, सीओ अनिल कुमार गुप्ता, पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का मोहर्रम कमेटी की ओर से पगड़ी और माला पहनाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालुद्दीन इराकी, कोषाध्यक्ष शेख इत्तेफाक हुसैन, मीडिया प्रभारी निसार खान सहित सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अजीम आर्ट प्वाइंट के संचालक अजीम अंसारी ने कमेटी पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया, जबकि डाड़ के मुखिया मोहम्मद इरशाद ने कप देकर सम्मान किया।
मेले में चार पीढ़ियों से मुहर्रम की परंपरा निभा रहे अंतू साव की सहभागिता ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. भूषण राणा और डॉ. वेद प्रकाश पाठक ने चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। वहीं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी तथा लाखों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग मेले में शामिल हुए। आयोजन पूरे दिन शांतिपूर्ण, अनुशासित और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ।