दीपचंद्र दीक्षित, ब्यूरो
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट स्थित गंगा नदी के पुल की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा नेता विकास राजपूत ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरम्मत का कार्य इतना घटिया स्तर का होता है कि वह दो से तीन महीने के भीतर ही उखड़ जाता है। उन्होंने इसे सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया।
विकास राजपूत ने कहा कि पुल की जर्जर हालत के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, तब हमारे जिले की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। यह केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि एनएच-730सी (NH-730C) के निर्माण कार्य में भी लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या संबंधित पक्ष के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार यह हाईवे अब लोगों के बीच "हादसों का हाईवे" बन चुका है।
भाजपा नेता ने कहा कि सेंट्रल जेल चौराहा, बघार नाला और मसानी चौराहा जैसे संवेदनशील स्थानों पर आज तक ट्रैफिक सिग्नल और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन प्रशासन नियमों का हवाला देकर स्पीड ब्रेकर तक बनाने की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले तीन वर्षों से पांचाल घाट गंगा पुल की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत क्यों नहीं कराई गई, जबकि हर वर्ष मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है। उनका कहना था कि इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
विकास राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि दो वर्ष पहले जनता को समर्पित शुकरुल्लापुर ओवरब्रिज भी कथित रूप से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि जिले में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है और जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने मांग की कि पुल की मरम्मत अनुभवी और प्रतिष्ठित निर्माण कंपनियों से कराई जाए ताकि मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित हो सके। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक से पुलों की दीर्घकालिक मरम्मत संभव है, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए।
अंत में भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते पांचाल घाट गंगा पुल की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।