दीपचंद्र दीक्षित, ब्यूरो/कमालगंज (फर्रुखाबाद)।
कमालगंज क्षेत्र के मड़ैयन घाट पुल पर गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब चार माह की गर्भवती महिला गंगा नदी से तैरकर अर्धनग्न और बदहवास हालत में बाहर निकली। महिला ने अपने पति और ममिया ससुर पर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या का प्रयास करने तथा मृत समझकर गंगा में फेंक देने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को सुरक्षित थाने पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की पहचान कायमगंज के मीरगंज निवासी सुमन के रूप में हुई है। महिला ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी। पति से विवाद के बाद वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से कंपिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद निवासी अजीत पुत्र ओमकार के साथ पांचाल घाट पर किराए के कमरे में रह रही थी। अजीत सीएनजी टैंकर चलाता है।
महिला के अनुसार वह पिछले करीब 15 दिनों से बीमार थी और मकान मालिक द्वारा कमरा खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था। बुधवार शाम करीब सात बजे अजीत अपने ममिया ससुर रामू के साथ काले रंग की अपाचे बाइक से उसे यह कहकर घर से ले गया कि हरदोई स्थित उसकी ननद के घर छोड़ने जा रहे हैं।
सुमन का आरोप है कि मड़ैयन घाट पुल के पास सुनसान स्थान पर दोनों ने बाइक रोककर दुपट्टे से उसका गला घोंटने का प्रयास किया। बेहोशी जैसी हालत होने पर उसे मृत समझकर गंगा नदी में फेंक दिया।
महिला ने बताया कि नदी में गिरते ही उसे होश आ गया। गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे और अपनी जान बचाने के लिए उसने पूरी ताकत से तैरना शुरू किया। तेज बहाव और भीगे कपड़ों के कारण परेशानी होने पर उसने कपड़े उतार दिए और सैकड़ों मीटर तक तैरकर किसी तरह नदी के किनारे पहुंच गई।
पुल के पास कार्य कर रहे कर्मचारियों ने महिला को अर्धनग्न अवस्था में बाहर निकलते देखा तो तत्काल उसकी मदद की। कर्मचारियों ने उसे शॉल और कपड़े उपलब्ध कराए। सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची और कमालगंज पुलिस को अवगत कराया।
थाना प्रभारी राम सहाय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। महिला सिपाही कीर्ति चौधरी की देखरेख में पीड़िता को सुरक्षित थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई।
पुलिस का कहना है कि महिला ने पति और ममिया ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।