फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम, 27 मई। डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित यातायात व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में डीसी ने कहा कि जिला में जहां भी सड़क लाइटें खराब हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाए ताकि रात्रि के समय सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई ठेकेदार निर्धारित समयावधि में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं करता है तो संबंधित एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार उसके खिलाफ पैनल्टी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीसी ने कहा कि नगर निगम तथा संबंधित विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में नियमित अंतराल पर सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई करवाई जाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं के कारण स्ट्रीट लाइटों की रोशनी बाधित होती है और यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में समय-समय पर पेड़ों की छंटाई सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई। डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सभी निजी स्कूलों को निर्धारित चेकलिस्ट उपलब्ध करवाई जाए। इसके उपरांत 15 दिन बाद स्कूल वाहनों की जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी वाहन सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, जीपीएस सिस्टम तथा प्रशिक्षित स्टाफ जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। डीसी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी एसडीएम अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में एडीटीओ हरेंद्र वीर ने जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी माह से अब तक 325 स्कूल बसों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 56 वाहनों के चालान किए गए हैं। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए अप्रैल एवं मई माह में अब तक 422 ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए हैं। इन वाहनों से लगभग 2 करोड़ 37 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सड़क अधोसंरचना को नुकसान से बचाया जा सके।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव, एडीटीओ हरेंद्र वीर, एनएचएआई के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।