सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के Category-II के सभी 10 बालू घाटों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। नीलामी में कुल 30,19,56,155 रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले 36,45,83,005 रुपये की उच्चतम (Overall H1) बोली प्राप्त हुई। इससे सरकार को रिजर्व प्राइस की तुलना में करीब 6.26 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।ई-नीलामी के तहत चांडिल क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी के सोरो-जोरगोड़ीह, सोरो-बिरडीह, बामुंडीह-गोबिंदपुर-सपाड़ा तथा बालीडीह बालू घाटों का संचालन Goquest Solution Pvt. Ltd. को 26,50,00,055 रुपये की सर्वोच्च बोली पर आवंटित किया गया।वहीं, खरकाई नदी के यदुडीह तथा बालीडीह (राजनगर) बालू घाट क्रमशः 2,92,81,162 रुपये और 1,43,37,350 रुपये की बोली पर S.G. Projects Pvt. Ltd. को मिले।इसके अलावा सरजामडीह, नुआडीह और लक्ष्मीपुर बालू घाटों की ई-नीलामी में M/s Kiran Construction and Infrastructure Pvt. Ltd. ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी को सरजामडीह घाट 1,46,29,367 रुपये, नुआडीह घाट 2,33,80,000 रुपये तथा लक्ष्मीपुर घाट 69,70,000 रुपये की बोली पर आवंटित किया गया। उल्लेखनीय है कि नुआडीह और लक्ष्मीपुर घाटों की नीलामी दूसरे प्रयास में सफल रही।इधर, चमारू स्थित संजय नदी के बालू घाट की ई-नीलामी M/s Hetamsaria Projects Pvt. Ltd. के पक्ष में 1,09,85,071 रुपये की सर्वोच्च बोली पर संपन्न हुई। इस घाट की नीलामी तीसरे प्रयास में सफल हो सकी।ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सरायकेला-खरसावां जिले के कैटेगरी-II के सभी 10 बालू घाटों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल सरकारी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि जिले में बालू की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित होने से निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।