फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम । भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महिलाओं को सशक्त बनाने, पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और देश की आधी आबादी को नेतृत्व में आगे लाने की मजबूत नींव रखी। उनकी दूरदृष्टि ने महिलाओं को सिर्फ अधिकार ही नहीं, बल्कि सम्मान और निर्णय लेने की शक्ति देने का मार्ग प्रशस्त किया। आज देश की हर सशक्त महिला, हर जनप्रतिनिधि और हर संघर्षशील बेटी उनके उस सपने को आगे बढ़ा रही है, जिसमें महिलाओं की बराबर भागीदारी वाला भारत शामिल था। यह उद्गार हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट श्रीमती पर्ल चौधरी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित किया जाने के उपरांत व्यक्त किये।
उन्होंने कहा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को देश में संचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने, और मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष करने जैसे दूरगामी कार्यों के लिए याद किया जाता है। 1984 से 1989 तक अपने कार्यकाल में उन्होंने भारत को 21वीं सदी में ले जाने की मजबूत नींव रखी। राजीव गांधी द्वारा किए गए प्रमुख कार्य में देश में कंप्यूटर और टेलीकॉम नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण है । उन्होंने 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स' (सी डॉट) की स्थापना की, जिससे गांवों तक टेलीफोन (एसटीडी पीसीओ) की पहुँच आसान हुई। सत्ता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए उन्होंने संविधान में संशोधन करके पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता और शक्तियां प्रदान कीं। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 1989 में संविधान (61वां संशोधन) पारित किया गया, जिसके तहत वोट देने की उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी गई।
राजीव गांधी ने शिक्षा के महत्व को समझते हए शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर दिया  और ग्रामीण इलाकों के मेधावी छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के लिए 'जवाहर नवोदय विद्यालय' की शुरुआत की गई। आम जनता और यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे में कम्प्यूटरीकृत टिकट आरक्षण प्रणाली की शुरुआत की।  विज्ञान, एयरोस्पेस और रक्षा अनुसंधान को बढ़ावा दिया। इसके अलावा, देश में तकनीकी विकास और स्वदेशी सुपरकंप्यूटर के निर्माण की पहल की। सही मायने में स्वर्गीय राजीव गांधी के द्वारा भारत में 21वीं सदी की नींव रखी गई।