धनबाद(गोविंदपुर): धनबाद के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत बड़पिछरी पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण विवादों के घेरे में आ गया है। संवेदक (ठेकेदार) पर स्थान बदलकर 'चोरी-छिपे' शिलान्यास करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी ने पहले गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और फिर धनबाद में उपविकास आयुक्त  से मिलकर इस पर आपत्ति जताई।
ग्राउंड जीरो पर पहुँची जिप उपाध्यक्ष, ग्रामीणों ने सुनाई व्यथा
विवाद की सूचना मिलते ही जिप उपाध्यक्ष सरिता देवी बड़पिछरी पंचायत पहुँचीं। वहां बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने संवेदक की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने जिस जमीन को स्वास्थ्य केंद्र के लिए पहले चयनित किया था, उसे छोड़कर संवेदक किसी दूसरी जगह पर गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य शुरू कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि शिलान्यास कार्यक्रम में भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया।
डीडीसी से मिलकर रखी बात, नियम विरुद्ध कार्य रोकने की मांग
स्थल का जायजा लेने और ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद सरिता देवी ने धनबाद पहुंचकर डीडीसी सन्नी राज से मुलाकात की। उन्होंने डीडीसी को बताया कि जनप्रतिनिधियों और जनता को अंधेरे में रखकर किया गया शिलान्यास गलत है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य केंद्र उसी स्थल पर बने जो जनता की पहुंच में हो और पहले से निर्धारित हो।
तीन स्थलों का पेच, होगी गहन जाँच
डीडीसी सन्नी राज ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए कुल तीन स्थल चयनित किए गए थे। इनमें से एक पर दखल का आवेदन है और दूसरी जमीन रैयती है। ग्रामीणों के कड़े विरोध और जिप उपाध्यक्ष की शिकायत के बाद डीडीसी ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने तक नियमानुसार ही आगे का काम होगा।
प्रमुख उपस्थिति
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी, गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि (आजसू) सुभाष रवानी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे। प्रशासन के जांच के भरोसे के बाद ग्रामीण अब उचित निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

धनबाद रफ्तार मीडिया संवाददाता गोवर्धन रजक की रिपोर्ट।