बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़:चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कुकड़ू अंचल कार्यालय में मंगलवार को भूमिज-मुंडा समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक हातु, सरदार, मुड़ा, डाकूवा एवं नाया की सूची अंचल प्रशासन को सौंपते हुए पेसा नियमावली के तहत समाज के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस दौरान समाज के लोगों ने आदिवासी हितों की अनदेखी एवं शोषण का आरोप भी लगाया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कुकड़ू अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की। झारखंड ट्रायबल भूमिज मुंडा यूथ ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष रविंद्र सरदार ने कहा कि पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप योग्य एवं पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों को ही अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांवों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त मैन पावर उपलब्ध कराया जाए तथा गैर-आदिवासी हस्तक्षेप को समाप्त किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज के अधिकारों और परंपराओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
इस अवसर पर पारंपरिक ग्राम प्रधानों का अद्यतन डेटा उपलब्ध कराने की भी मांग प्रशासन से की गई। समाज के लोगों ने कहा कि पेसा कानून का सही तरीके से पालन होने पर गांवों में पारंपरिक व्यवस्था और आदिवासी अधिकार दोनों मजबूत होंगे।