रफ्तार मीडिया / संवाददाता जामताड़ा
जामताड़ा समाहरणालय में क्लर्क पद पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे एक युवक को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी की पहचान गिरिडीह जिले के दुलोरी गांव निवासी रजाक अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके साथ मौजूद उसके ससुर अख्तर अंसारी को भी हिरासत में लिया है। दोनों से जामताड़ा थाना में पूछताछ की जा रही है।जानकारी के अनुसार रजाक अंसारी सोमवार को अपने ससुर के साथ जामताड़ा समाहरणालय स्थित बाल सुरक्षा कार्यालय में क्लर्क पद पर योगदान देने पहुंचा था।योगदान प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के क्रम में अधिकारियों को कागजातों पर संदेह हुआ, जिसके बाद दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। जांच में यह सामने आया कि युवक द्वारा प्रस्तुत जॉइनिंग लेटर पर जामताड़ा उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर और जाली मुहर लगी हुई थी। इसके अलावा आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों सहित अन्य दस्तावेजों में भी कई प्रकार की विसंगतियां पाई गईं। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जामताड़ा के कार्यवाहक थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह पुलिस बल के साथ समाहरणालय पहुंचे और त्वरित कार्रवाई करते हुए रजाक अंसारी तथा उसके ससुर अख्तर अंसारी को मौके से हिरासत में ले लिया। दोनों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया, जहां उनसे फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ जारी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में प्रस्तुत किए गए अधिकांश दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ है या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने पुलिस अधीक्षक को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर किसी बड़े जालसाजी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।