मोतिहारी/पताहीओम प्रकाश तिवारी 
बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के तहत माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बुधवार को पूर्वाह्न 10:30 बजे वर्चुअल माध्यम से राज्य के नवस्थापित राजकीय महाविद्यालयों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पूर्वी चंपारण जिले में स्थापित 15 नए राजकीय महाविद्यालयों का भी विधिवत उद्घाटन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर जिले के विभिन्न नवस्थापित महाविद्यालयों में उत्साह का माहौल रहा। मुख्य समारोह पकड़ीदयाल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताही में आयोजित किया गया, जबकि जयसिंहपुर सहित अन्य स्थानों पर भी उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न हुए।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताही परिसर को उद्घाटन समारोह के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों का आगमन शुरू हो गया था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने गंभीरता और उत्साह के साथ सुना।
कार्यक्रम में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी, सह शिक्षा पदाधिकारी गुलफान आलम प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) उदय कुमार, अंचलाधिकारी नितेश सेठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों में विधायक प्रतिनिधि, एमएलसी प्रतिनिधि, अनिल कुमार पताही पंचायत के मुखिया कृष्ण मोहन सिंह, जदयू नेता शशि भूषण सिंह, जिला परिषद सदस्य श्याम सुंदर सिंह, मुखिया अभिषेक कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि ओम प्रकाश सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समारोह में भाग लिया।
शिक्षा जगत से प्रधानाध्यापक नरेश पासवान, कॉलेज विकास समिति से जुड़े बंसल विकास मंडल, निर्भय कुमार, सचिन कुमार, शीतल कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाना है ताकि आर्थिक, सामाजिक अथवा भौगोलिक कारणों से कोई भी छात्र-छात्रा उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकसित बिहार और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव है। नए महाविद्यालयों की स्थापना से युवाओं को अपने जिले और प्रखंड के निकट ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नए राजकीय महाविद्यालयों के खुलने से पूर्वी चंपारण जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए मोतिहारी, मुजफ्फरपुर या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी तथा छात्राओं की उच्च शिक्षा में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से पताही और आसपास के क्षेत्रों के लोग राजकीय डिग्री महाविद्यालय की मांग कर रहे थे। अब यह सपना साकार हुआ है। महाविद्यालय शुरू होने से क्षेत्र में शिक्षा का नया वातावरण बनेगा और सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। स्थानीय युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में महाविद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेलकूद की सुविधाएं तथा अन्य आधारभूत संरचनाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी अपनी खुशी व्यक्त की। उनका कहना था कि अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अभिभावकों ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे शिक्षा का खर्च कम होगा और बेटियों की पढ़ाई को नई मजबूती मिलेगी।
समारोह में मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नए महाविद्यालय के शुभारंभ का स्वागत किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया तथा भविष्य में आवश्यक सुविधाओं के विकास पर चर्चा की।
शिक्षाविदों का मानना है कि राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताही का संचालन शुरू होने से न केवल पताही बल्कि पकड़ीदयाल अनुमंडल और आसपास के कई प्रखंडों के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को नई गति प्राप्त होगी।
समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। पूरे कार्यक्रम का संचालन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताही का शुभारंभ क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा और पूर्वी चंपारण के हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला सिद्ध होगा।