मोतिहारी | रफ्तार मीडिया | ओमप्रकाश तिवारी:मोतिहारी बस स्टैंड में अवैध टिकट कारोबार और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को सामने आए एक मामले ने बस स्टैंड की व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड में कुछ तथाकथित टिकट एजेंट यात्रियों से मनमाने तरीके से अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं। आरोप है कि स्लीपर सीट के नाम पर यात्रियों से अधिक पैसा लिया जाता है और बाद में उन्हें जबरन केबिन या अन्य सीटों पर बैठा दिया जाता है। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी तक दी जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंपारण बस ट्रैवल्स से जुड़े भोला और छोटू नामक व्यक्तियों पर यात्रियों के साथ दबाव और बदसलूकी करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद यात्रियों में काफी नाराजगी देखी गई।
हालांकि मौके पर पहुंची छतौनी थाना की 112 पुलिस टीम ने स्थिति को संभालते हुए यात्री का पैसा वापस करवाया। 112 के अधिकारी मदन सिंह की तत्परता और सूझबूझ की लोगों ने सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो मामला और बढ़ सकता था।
यात्रियों का कहना है कि मोतिहारी बस स्टैंड में वैध टिकट व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जा रही है, जबकि अवैध टिकट कारोबारियों का नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है। इससे आम यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड में विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध टिकट कारोबार पर रोक लगाई जाए। साथ ही वैध टिकट व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए ताकि यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी सुविधा मिल सके।
लोगों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर यदि खुलेआम मनमानी और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार होता रहेगा तो आम जनता का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।