मोतिहारी, कल्याणपुर | रफ्तार मीडिया:पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय उत्तरी गवंद्रा से शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय के एक सरकारी शिक्षक ने छात्र की इतनी बेरहमी से पिटाई कर दी कि उसकी हालत नाजुक हो गई। छात्र का इलाज सदर अस्पताल मोतिहारी में चल रहा है। परिजनों ने शिक्षक पर जानबूझकर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से स्कूल में हड़कंप मचा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

*कैसे हुई घटना*  
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना बीते सोमवार की है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय उत्तरी गवंद्रा में पढ़ने वाला कक्षा 6 का छात्र रोहन कुमार, पिता-रामेश्वर महतो, रोज की तरह स्कूल गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लास के दौरान किसी बात पर शिक्षक विजय कुमार यादव नाराज हो गए। उन्होंने डंडे और थप्पड़ों से छात्र की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

छात्र रोहन के चचेरे भाई ने बताया कि "मास्टर साहब ने इतना मारा कि रोहन बेहोश होकर गिर गया। उसके नाक-मुंह से खून निकलने लगा। सिर में गहरी चोट आई है।" स्कूल के अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के शिक्षक दौड़े। आनन-फानन में छात्र को कल्याणपुर PHC ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया।

*परिजनों का फूटा गुस्सा, लगाया हत्या के प्रयास का आरोप*  
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और सैकड़ों ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया। रोहन की मां सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, "हम अपने बच्चे को पढ़ने भेजते हैं, मार खाने नहीं। मास्टर ने मेरे बेटे को जान से मारने की कोशिश की है। हम एफआईआर दर्ज कराएंगे। ऐसे शिक्षक को फांसी होनी चाहिए।"

ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी शिक्षक विजय कुमार यादव का व्यवहार पहले भी छात्रों के प्रति ठीक नहीं रहा है। छोटे-छोटे बात पर बच्चों को पीटना उनकी आदत है। कई बार अभिभावकों ने प्रिंसिपल से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

*“गुरु या जल्लाद?” - ग्रामीणों ने उठाए सवाल*  
घटना के बाद पूरे इलाके में गुस्सा है। ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जहां बच्चों को संस्कार और शिक्षा मिलनी चाहिए, अगर वहीं शिक्षक हैवान बन जाए तो बच्चे कहां सुरक्षित रहेंगे? एक अभिभावक मुकेश साह ने कहा, "सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, पर स्कूल में ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां तो गुरु ही जल्लाद बन गया।"

*DEO ने कहा- जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई*  
मामले की गंभीरता को देखते हुए रफ्तार मीडिया ने जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से बात की। डीईओ ने कहा, "घटना बहुत दुखद है। हमने इसे गंभीरता से लिया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कल्याणपुर को 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच में शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो उन पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। किसी भी सूरत में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि वे टीम के साथ स्कूल पहुंचे हैं। बच्चों और अन्य शिक्षकों का बयान लिया जा रहा है। आरोपी शिक्षक से भी पूछताछ होगी। जांच रिपोर्ट आज शाम तक DEO को सौंप दी जाएगी।

*पुलिस भी जांच में जुटी, अभी FIR नहीं*  
कल्याणपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की मौखिक सूचना मिली है। पुलिस टीम अस्पताल और स्कूल भेजी गई है। परिजनों के आवेदन के बाद FIR दर्ज की जाएगी। फिलहाल छात्र के बयान का इंतजार है। डॉक्टरों के अनुसार छात्र की हालत स्थिर है लेकिन सिर में चोट गंभीर है। 48 घंटे बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

*शिक्षा विभाग के नियम क्या कहते हैं*  
गौरतलब है कि RTE Act 2009 की धारा 17 के तहत स्कूलों में शारीरिक दंड पूरी तरह प्रतिबंधित है। बच्चों को मारना-पीटना, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर शिक्षक की नौकरी जा सकती है और IPC की धारा 323, 325 के तहत केस भी दर्ज हो सकता है। इसके बावजूद आए दिन बिहार के स्कूलों से ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।

*बड़ा सवाल: स्कूलों में कब सुरक्षित होंगे बच्चे?*  
इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
1. क्या सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं होती?
2. बार-बार शिकायत के बाद भी प्रिंसिपल ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
3. क्या आरोपी शिक्षक पर सिर्फ सस्पेंशन की कार्रवाई होगी या आपराधिक मुकदमा भी चलेगा?
4. अभिभावक अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरेंगे, इसका जिम्मेदार कौन?

फिलहाल पूरे प्रखंड में इस घटना की चर्चा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 2 दिन में आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे।

*रफ्तार मीडिया की मांग*  
रफ्तार मीडिया प्रशासन से मांग करता है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों के लिए व्यवहार संबंधी ट्रेनिंग अनिवार्य की जाए ताकि भविष्य में कोई मासूम ऐसे हैवानियत का शिकार न हो।

*रिपोर्ट: ओमप्रकाश तिवारी, मोतिहारी*