गोवर्धन रजक/धनबाद (टुंडी):न्याय, सच्चाई और इंसानियत की राह में अपना सब कुछ न्योछावर कर देने का नाम ही कर्बला है। मुहर्रम का मुबारक महीना महज़ एक तारीखी वाक़ये (ऐतिहासिक घटना) को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन लाज़वाल (अमर) उसूलों को दोबारा अपनी ज़िंदगी में शामिल करने का नाम है, जिसके लिए नबी-ए-पाक हज़रत मुहम्मद (स.) के नवासे हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जानिसारों ने मैदान-ए-कर्बला में शहादत का जाम पिया था। यह बातें टुंडी के रतनपुर पंचायत (गाड़ी टुंडी) के मारूफ़ (प्रसिद्ध) समाजसेवी शहजाद अंसारी ने मुहर्रम के आगाज़ पर कहीं।समाजसेवी शहजाद अंसारी ने पुरज़ोर लफ़्ज़ों में कहा कि कर्बला का यह अज़ीम (महान) पैगाम हमें सिखाता है कि हमारे 'उसूल' किसी भी 'सल्तनत या हुकूमत' से कहीं ज़्यादा कीमती हैं। ज़ुल्म के खिलाफ सीना तानकर खड़े होना और हमेशा मज़लूमों (पीड़ितों) का साथ देना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि सदियां गुज़र जाने के बाद भी मौला हुसैन का यह पैगाम सरहदों, तहज़ीबों और ज़मानों के बंधनों से आज़ाद है। उनका बेमिसाल सब्र, शुजात (साहस), और हक़ की लड़ाई हर दौर में इंसाफ़ के चाहने वालों के लिए एक रौशन मीनार की तरह है।रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लाएं बदलावशहजाद अंसारी ने समाज से अपील करते हुए कहा कि आज के दौर में हमें कर्बला के इन आला दर्जे के उसूलों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उतारने की शदीद (सख्त) ज़रूरत है। हमें सबमें नफ़रतों को मिटाकर दिलों में मोहब्बत और करुणा, ज़ुल्म के खात्मे के लिए इंसाफ़, और खुदगर्जी (स्वार्थ) को छोड़कर 'खिदमत-ए-खल्क' (सेवा भाव) का जज़्बा पैदा करना होगा। तभी यह बात पूरी तरह चरितार्थ हो सकेगी कि सिद्धांत सत्ता से बड़े होते हैं।आशूरा का दिन देता है आत्मनिरीक्षण की दावतग़ौरतलब है कि चांद का दीदार होते ही टुंडी समेत पूरे मुल्क में मुहर्रम की अज़ादारी का दौर शुरू हो जाता है। इस्लाम धर्म में इस महीने को निहायत ही पाक माना गया है, जिसमें किसी भी तरह की जंग या तशद्दुद (हिंसा) करना पूरी तरह वर्जित है। मुहर्रम के दसवें दिन को 'आशूरा' कहा जाता है, जिसका इस्लामी तारीख में बेहद अज़मत और धार्मिक महत्व है। शहजाद अंसारी ने कहा कि यह दिन हमें ठंडे दिमाग से गौर-ओ-फ़िक्र (सोचने-समझने) की दावत देता है और सच्चाई व इंसाफ़ के लिए हज़रत इमाम हुसैन के कभी न ख़त्म होने वाले हौसले को फिर से अपनाने की प्रेरणा देता है।